"जब अपनों ने ही रास्ते बंद कर दिए, तो उन्होंने अपना रास्ता खुद बनाने की ठानी। यह कहानी है दो लोगों की, जो अपने 'हमारा कैफे' का सपना पूरा करने के लिए घर से भाग जाते हैं। लेकिन असल जिंदगी इतनी आसान नहीं होती। एक तरफ कैफे के लिए बैंक लोन पास करवाने और पैसों का इंतज़ाम करने की जद्दोजहद है, तो दूसरी तरफ ताऊजी और उनके भेजे गए गुंडों का खौफ। पर इन सब मुश्किलों और कैफे की भागदौड़ के बीच, कॉफ़ी की महक के साथ-साथ दोनों के दिलों में एक अनकहा प्यार पनपने लगता है। मुश्किलों से लड़ते हुए क्या वे अपने कैफे को बचा पाएंगे और अपनी इस अनोखी प्रेम कहानी को शादी की मंज़िल तक ले जा पाएंगे?"